
कशिश ने एक बार फिर युवराज के पास जाकर अपनी प्रोफेशनल टोन में समझाने की आखिरी कोशिश की। उसने युवराज की आँखों में देखते हुए कहा, "युवराज, प्लीज मेरी बात समझिए। आप अभी कोमा से बाहर आए है। आपके शरीर में अभी उतनी ताकत नहीं है कि आप ट्रेवल कर सकें। अगले दो-तीन दिन आपको अभी और ड्रिप और मॉनिटरिंग की जरूरत है। अगर आप जिद करेंगे, तो आपको सेहत के लिए अच्छा नहीं होगा। क्या आप चाहते हैं कि आपकी इन बहनों की खुशियाँ फिर से आंसुओं में बदल जाएँ?"
कशिश की बात सुनकर युवराज थोड़ा शांत हुआ। उसने नियति और परी की ओर देखा, जिनकी आँखों में अब भी डर साफ दिख रहा था। युवराज ने गहरी सांस ली और कहा, "ठीक है कशिश... सिर्फ दो दिन।"


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